नई दिल्ली । आक्रामक बल्लेबाज युवराज सिंह ने कहा है कि उनको जितना सहयोग सौरव गांगुली से मिला उतना किसी से नहीं मिला है। युवी के नाम से लोकप्रिय इस बल्लेबाज ने कहा कि अपने 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कई कप्तानों के नेतृत्व में खेला है। इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि वह अकसर गांगुली की कप्तानी में खेले गए अपने समय को याद करते हैं। धोनी की कप्तानी में हालांकि उन्होंने 2011 विश्व कप जितवाने में अहम भूमिका निभाई और वह प्लेयर ऑफ द टूर्नमेंट भी रहे थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि इसके बावजूद वह गांगुली की कप्तानी में खेले गए अपने समय को याद करते हैं। युवराज ने कहा, 'मैंने गांगुली की कप्तानी में खेला और उन्होंने मेरा काफी सहयोग किया।  मुझे गांगुली की कप्तानी इसलिए याद है कि उन्होंने मेरा साथ दिया। वहीं मुझे धोनी और विराट से उस तरह का समर्थन नहीं मिला।'
युवराज ने भारत के लिए 304 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और उसमें 8701 रन बनाए। अपने एकदिवसीय करियर में उन्होंने 14 शतक लगाये हैं। युवराज से जब पूछा गया कि उनकी नजर में मुथैया मुरलीधरन का सामना करना सबसे मुश्किल रहा। उन्होंने कहा कि मुझे मुरलीधरन का सामना करने में बहुत मुश्किल आती थी। मुझे उनकी गेंदबाजी बिलकुल समझ नहीं आती थी। फिर सचिन तेंडुलकर ने मुझे कहा मुरलीधरन की गेंद पर स्वीप करने का आइडिया दिया और इससे मुझे काफी आसानी हुई। उन्होंने कहा कि ग्लेन मैक्ग्रा ने मुझे अपनी बाहर जाती गेंद पर काफी परेशान किया। अच्छी बात यह रही कि मुझे मैक्ग्रा का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ा।