राजधानी भोपाल की मस्जिदों में रुके बाहर के जमातियों पर अब इंटेलिजेंस की नजर भी है. पता चला है कि यहां डेढ़ महीने से 200 से ज्यादा जमाती रुके हुए हैं. ये लोग दिल्ली,कर्नाटक कश्मीर, बिहार, असम सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं.

आज आएगी 67 संदिग्धों की रिपोर्ट

मस्जिदों में रुके जमातियों के कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट आज आने की उम्मीद है. शहर की अलग-अलग मस्जिदों में रुके जमातियों में से मंगलवार को 67 के सैम्पल कोरोना जांच के लिए भेजे थे. उसके बाद बुधवार को 45 और संदिग्धों के भी सैम्पल लिए गए थे. इनमें जमातियों के संपर्क में आने वाले लोग भी शामिल हैं.

मरकज से मचा हड़कंप

जिला प्रशासन को मिली जानकारी के बाद शहर में कुल 65 जमातियों को मस्जिदों में क्वॉरेंटीन कराया गया था. इनमें 6 विदेशी जमात हैं. क्वारेंटीन किए गए लोगों में 57 विदेशी नागरिक और 8 भारतीय नागरिक शामिल हैं. साथ ही बुधवार को प्रशासन के हाथ यह जानकारी भी लगी थी कि अन्य राज्यों की जमात भोपाल की 6 मस्जिदों में रुकी हैं. इसमें कुल 82 जमाती हैं. दिल्ली से 12 सदस्यीय जमात 22 मार्च को भोपाल पहुंची थी. यह जमात शाहजहांनाबाद के उजेमा मस्जिद में रुकी है. इनका मेडिकल चैकअप कराया गया है. वहीं निजामुद्दीन मरकज में रुके 36 जमातियों को दिल्ली में ही क्वॉरेंटीन किया गया है.

DIG की अपील-पैनिक ना फैलाएं

बुधवार को भोपाल के DIG इरशाद वली ने लोगों से अपील की थी कि वो पैनिक ना फैलाएं. निज़ामुद्दीन मरकज़ वाले मामले पर वली ने कहा था कि भोपाल में रुकी जमातों को आइसोलेटे कर दिया गया है. जमात में आए लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट का इंतज़ार है. अभी किसी भी तरह से पैनिक होने की जरूरत नहीं है.दिल्ली के निज़ामुद्दीन मरकज़ में भोपाल के जो लोग शामिल हुए हैं, उन्हें वहीं आइसोलेशन में रखा गया है. उनके परिवार और दिल्ली पुलिस से हम लगातार संपर्क में हैं. मरकज़ में शामिल भोपाल के इन लोगों में से अभी कोई भी मरीज़ कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला है.