भोपाल : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण एवं सहकारिता मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते गेहूँ की बम्पर पैदावार के बाद 12 लाख किसानों से गेहूँ का ऐतिहासिक उपार्जन किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक एक करोड़ दस लाख मीट्रिक टन गेहूँ किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया। इससे पहले प्रदेश में सर्वाधिक उपार्जन 84.90 लाख मीट्रिक टन किया गया था। मध्यप्रदेश के 12 लाख किसानों के खातों में 12 हजार करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा कराये जा चुके है।

एक दिन में गेहूँ का रिकार्ड उपार्जन

श्री राजपूत ने बताया कि लॉकडाउन के कारण श्रमिकों की कमी एवं गेहूँ की कटाई में देरी के बाद भी प्रदेश के 19 लाख 52 हजार किसानों से उनकी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि एक दिन में गेहूँ का 4 लाख 98 हजार 578 रिकार्ड उपार्जन दर्ज किया गया, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। कुल उपार्जित गेहूँ का 85 प्रतिशत का परिवहन किया जाकर गोदामों में सुरक्षित पहुँचाया जा चुका है। उज्जैन, मक्सी, महिदपुर में गोदाम भर जाने के कारण शेष गेहूँ को होशंगाबाद के गोदामों में सुरक्षित रखने के लिये परिवहन किया गया। भण्डारण के लिये पारंपरिक तकनीक के साथ आधुनिक स्टील सायलों एवं सायलों बैग का उपयोग किया गया है।

चना उपार्जन में किसानों को मिलेगा भावांतर का लाभ

मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि एक लाख पच्चीस हजार मीट्रिक टन. चने का उपार्जन समर्थन मूल्य पर 4 हजार 875 रूपये प्रति क्वि. के मान से किया गया। प्रदेश के कुल 83 हजार किसान इससे लाभांवित हुए। उन्होंने बताया कि तिवडा मिश्रित चना खरीदी पर भावांतर योजना के अंतर्गत किसानों को 500 रूपये प्रति क्विंटल भावांतर का लाभ दिया जायेगा।

कोविड-19 योद्धा योजना में शामिल करेंगे

मंत्री श्री राजपूत ने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिये बधाई दी। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में गेहूँ उपार्जन में लगे खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान को देखते हुए उन्हें कोविड-19 योद्धा योजना का लाभ भी दिये जाने का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है।